प्रवक्ताओं को मंजूर नहीं पीजीटी पदनाम



मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ताओं ने दो टूक कहा है कि लेक्चरर की जगह पीजीटी पदनाम कतई मंजूर नहीं है। प्रदेश सरकार ने इस पदनाम को बहाल नहीं रखा तो प्रदेश भर के स्कूल प्रवक्ता संघर्ष से भी गुरेज नहीं करेंगे। मंगलवार को ऊना के देहलां वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्कूल प्रवक्ताओं का प्रदेश स्तरीय सेमीनार आयोजित हुआ। विशिष्ट आमंत्रित सदस्य प्रिंसीपल सुशील शर्मा ने प्रदेश प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष डा. नरोत्तम ठाकुर को शपथ दिलाई।
सेमीनार में में शिक्षकों ने आवाज उठाई कि विशिष्ट माध्यमिक स्कूलों में उप प्रधानाचार्यों के पद सृजित किए जाने चाहिए। प्रिंसीपल के पदों के लिए भरती एवं पदोन्नति नियम प्राध्यापकों और मुख्याध्यापकों की तादाद के आधार पर तय होने चाहिए। पंजाब की तर्ज पर 4-9-14 के टाइम स्केल और बढ़ी हुआ ग्रेड पे लागू किए जाने, कालेज प्रवक्ताओं के 25 फीसदी पद स्कूल कैडर से पदोन्न करने और विज्ञान परामर्शदाता का पद हर जिले में सृजित करने की मांग की ।
वर्ष 2005 से पूर्व नियुक्त अनुबंध आधार के प्रवक्ताओं को बीएड की शर्त का कड़ा विरोध दर्ज किया गया। अनुबंध और पैरा प्रवक्ताओं को नियुक्ति प्रवक्ताओं की तर्ज पर सभी अवकाश तथा सीपीएफ की मांग भी गूंजी। खंड स्तर पर परियोजना अधिकारियों के पद सृजित करने, उन्हें प्रवक्ता पद से ही भरे जाने, एमफिल, पीएचडी कर चुके प्राध्यापकों को कालेज प्रवक्ताओं की तर्ज पर विशेष वेतन वृद्धि और विज्ञान प्रवक्ताओं को प्रयोग भत्ता देने, व्यावसायिक प्रवक्ताओं द्वारा लिए गए स्थगना आदेश को हटाने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करने के साथ साथ अनेक अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष नरोत्तम ठाकुर, महामंत्री राजेन्द्र ठाकुर, मुख्य सलाहकार कृष्णचंद, संगठन मंत्री पकंज, वित्त सचिव डा. राजगीर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र कौंडल, प्रेस सचिव रणवीर ठाकुर, डा. देस राज, सुरेंद्र मनकोटिया, एक्शन कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष केहर सिंह बैंस, समन्वय महेश कुमार, प्रदेश प्रेस सचिव डा. महेंद्र गोपाल शास्त्री, केडी शर्मा, राकेश जसवाल, उपेंद्र राणा, महिला विंग की अध्यक्ष अलका जोशी, हरिओम सहोड़ समेत अनेक लोग मौजूद रहे। इन लोगों ने अपने विचार रखे।
•मांगों को लेकर संघर्ष से गुरेज नहीं करेंगे : संघ
•देहलां में एक सुर में बोले प्रवक्ता
•प्रदेश स्तरीय सेमीनार में बनाई रणनीति
आभार:अमर उजाला